इस भारतीय खिलाड़ी के साथ नाइंसाफी कर रहे कोच गंभीर, शतक ठोकने के बावजूद प्लेइंग इलेवन में नहीं दे रहे मौका

Published - 13 Jan 2026, 12:08 PM | Updated - 13 Jan 2026, 12:10 PM

Gautam Gambhir

Gautam Gambhir: भारतीय क्रिकेट टीम इस समय एक बड़े बदलाव के दौर से गुजर रही है, जहां नए खिलाड़ियों को मौका देने और सीनियर्स को आराम देने की प्रक्रिया जारी है। मुख्य कोच के रूप में गौतम गंभीर (Gautam Gambhir) पदभार संभालने के बाद से ही हर फैसले के पीछे एक खास रणनीति नजर आती है। एक तरफ जहां खराब फॉर्म से जूझ रहे खिलाड़ियों को बार-बार मौके दिए जा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ शानदार प्रदर्शन करने वाला एक युवा स्टार बेंच पर बैठने को मजबूर है।

यशस्वी जायसवाल की अनदेखी

भारतीय टीम के युवा बाएं हाथ के बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल ने पिछले कुछ समय में क्रिकेट के हर फॉर्मेट में अपनी धाक जमाई है। विशेषकर दिसंबर 2025 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ खेली गई वनडे सीरीज में जायसवाल ने अपनी बल्लेबाजी से सभी का दिल जीत लिया था।

दक्षिण अफ्रीका की चुनौतीपूर्ण पिचों पर जहां अन्य बल्लेबाज संघर्ष कर रहे थे, वहां जायसवाल ने एक शानदार शतक जड़कर अपनी क्लास दिखाई थी।

इसके बावजूद, न्यूजीलैंड के खिलाफ घरेलू वनडे सीरीज के पहले मुकाबले में उन्हें प्लेइंग इलेवन से बाहर रखा गया। यह देखकर हर कोई हैरान है कि जिस खिलाड़ी ने हाल ही में विदेशी धरती पर 'मैन ऑफ द मैच' प्रदर्शन किया हो, उसे अपने ही घर में खेलने का मौका क्यों नहीं मिल रहा है।

कोच Gautam Gambhir पर उठ रहे हैं गंभीर सवाल?

टीम चयन में मुख्य कोच गौतम गंभीर (Gautam Gambhir) की भूमिका सबसे अहम होती है। गंभीर अपनी बेबाक शैली और कड़े फैसलों के लिए जाने जाते हैं, लेकिन जायसवाल के मामले में उनका झुकाव समझ से परे है। रिपोर्ट्स की मानें तो गंभीर इस समय मध्यक्रम में अनुभवी खिलाड़ियों को और ओपनिंग में शुभमन गिल-रोहित शर्मा की जोड़ी को ही प्राथमिकता दे रहे हैं।

हालांकि, जायसवाल का बाएं हाथ का होना टीम के लिए एक एक्स-फैक्टर साबित हो सकता है। गौतम गंभीर (Gautam Gambhir) के इस फैसले से सोशल मीडिया पर फैंस काफी नाराज हैं और इसे जायसवाल के करियर के साथ नाइंसाफी बता रहे हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर किसी खिलाड़ी को शतक लगाने के बाद भी टीम में जगह सुरक्षित महसूस नहीं होती, तो इससे उसके आत्मविश्वास पर बुरा असर पड़ सकता है। गौरतलब है कि भारतीय टीम में इंजर्ड भी सिर्फ बाएं हाथ के बल्लेबाज ही हो रहे हैं, जिससे यश्स्वी को मौका मिलना चाहिए लेकिन टीम का समिकरण क्या कहता है उसपर निर्भर करेगा जायसवाल खेलेंगे या नहीं।

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World Cup 2027 की तैयारी या कोच Gautam Gambhir का निजी पसंद?

अगला वनडे वर्ल्ड कप 2027 में दक्षिण अफ्रीका में खेला जाना है, और जायसवाल ने पहले ही वहां की पिचों पर खुद को साबित कर दिया है। ऐसे में उन्हें लगातार मौके देना टीम के भविष्य के लिए फायदेमंद होता। लेकिन वर्तमान स्थिति को देखकर ऐसा लग रहा है कि गौतम गंभीर (Gautam Gambhir) अपनी एक अलग ही 'कोर टीम' तैयार करने में जुटे हैं, जिसमें जायसवाल जैसे इन-फॉर्म खिलाड़ी फिलहाल फिट नहीं बैठ रहे हैं।

वडोदरा वनडे के बाद अब राजकोट वनडे में भी जायसवाल की जगह पर संशय बरकरार है। यदि इसी तरह टैलेंट की जगह केवल अनुभव को तरजीह मिलती रही, तो भारतीय क्रिकेट का 'ट्रांजिशन फेज' काफी मुश्किल हो सकता है। गंभीर को अपनी इस जिद पर पुनर्विचार करने की जरूरत है ताकि टीम में केवल वही खिलाड़ी खेलें जो वास्तव में अपनी फॉर्म और प्रदर्शन के आधार पर जगह के हकदार हैं।

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Sourabh Kumar

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