ब्रेंडन मैक्कुलम की छुट्टी, अब रवि शास्त्री बनेंगे इंग्लैंड टीम के नए हेड कोच, भारत से लंदन होंगे रवाना

Published - 25 Dec 2025, 08:44 AM | Updated - 25 Dec 2025, 09:01 AM

Ravi Shastri

Ravi Shastri: ऑस्ट्रेलिया की धरती पर एशेज सीरीज़ में इंग्लैंड के शर्मनाक प्रदर्शन ने इंग्लिश क्रिकेट में बड़ी बहस छेड़ दी है। सिर्फ 11 दिनों में ऑस्ट्रेलिया द्वारा 3-0 की अजेय बढ़त ने न सिर्फ टीम की तैयारी पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि हेड कोच ब्रेंडन मैकुलम की चर्चित ‘बैज़बॉल’ फिलॉसफी भी कटघरे में आ गई है।

इसी बीच इंग्लैंड के पूर्व स्पिनर मोंटी पनेसर का बयान चर्चा के केंद्र में है, जिसमें उन्होंने इंग्लैंड टीम की कमान रवि शास्त्री (Ravi Shastri) को सौंपने की खुली वकालत की है। यह बयान ऐसे समय आया है, जब इंग्लैंड को नेतृत्व, रणनीति और मानसिक मजबूती तीनों मोर्चों पर बदलाव की जरूरत महसूस हो रही है।

बैज़बॉल पर उठते सवाल और मैक्कुलम की बढ़ती मुश्किलें

मैक्कुलम के कार्यकाल में इंग्लैंड ने आक्रामक क्रिकेट की नई परिभाषा गढ़ने की कोशिश की, लेकिन ऑस्ट्रेलिया की तेज़, उछाल भरी परिस्थितियों में यही अंदाज़ भारी पड़ गया। बल्लेबाज़ी बार-बार दबाव में ढहती दिखी और गेंदबाज़ी लंबे स्पेल्स में तीव्रता बनाए रखने में नाकाम रही।

पर्थ, ब्रिस्बेन और एडिलेड में खेले गए टेस्ट मैचों ने साफ कर दिया कि एक ही रणनीति हर हालात में कारगर नहीं होती। बैज़बॉल की असफलता ने मैक्कुलम की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

मोंटी पनेसर का बड़ा सुझाव और शास्त्री का नाम

पत्रकार रवि बिष्ट से बातचीत में पनेसर ने कहा कि इंग्लैंड को ऐसे कोच की जरूरत है, जो ऑस्ट्रेलिया को उसी की ज़मीन पर हराने का तरीका जानता हो। उनके मुताबिक, रणनीति सिर्फ आक्रामक सोच तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि मानसिक और शारीरिक तैयारी भी उतनी ही अहम है।

इसी संदर्भ में पनेसर ने शास्त्री (Ravi Shastri) का नाम आगे बढ़ाया, यह कहते हुए कि उन्होंने बतौर भारतीय कोच ऑस्ट्रेलिया की कमजोरियों को बेहतर ढंग से समझा और उनका फायदा उठाया।

ऑस्ट्रेलिया में Ravi Shastri का ऐतिहासिक रिकॉर्ड

शास्त्री (Ravi Shastri) का ऑस्ट्रेलिया में ट्रैक रिकॉर्ड उनकी सबसे बड़ी ताकत माना जा रहा है। उनके मार्गदर्शन में भारत ने 2018–19 में ऑस्ट्रेलिया में पहली बार टेस्ट सीरीज़ जीती और फिर 2020–21 में उस उपलब्धि को दोहराया।

इन दौरों ने भारतीय टीम की विदेशी धरती पर छवि पूरी तरह बदल दी। पनेसर का मानना है कि यही अनुभव इंग्लैंड के लिए अमूल्य साबित हो सकता है, खासकर तब जब टीम लगातार विदेशी दौरों में संघर्ष कर रही हो।

इंग्लैंड में बदलाव की आहट और आगे की राह

एशेज में पिछड़ने के बाद इंग्लैंड ने चौथे टेस्ट से पहले प्लेइंग इलेवन में बदलाव किए हैं, जो इस बात का संकेत हैं कि टीम अब प्रयोग के मूड में है। हालांकि वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप 2025–27 के फाइनल की उम्मीदें लगभग खत्म हो चुकी हैं, लेकिन इंग्लैंड कम से कम सीरीज़ का अंत सम्मानजनक तरीके से करना चाहता है।

ऐसे माहौल में शास्त्री (Ravi Shastri) जैसे अनुभवी कोच का नाम सामने आना यह दर्शाता है कि इंग्लिश क्रिकेट अब केवल खेलने के अंदाज़ नहीं, बल्कि सोच और नेतृत्व दोनों में बदलाव पर गंभीरता से विचार कर रहा है।

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Vasu Jain

मुझे क्रिकेट से गहरा लगाव है और मैं वर्ष 2007 से इस खेल को लगातार देखता और समझता आ रहा हूँ। क्रिकेट... रीड मोर

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