जब तक टीम इंडिया के हेड कोच हैं गौतम गंभीर, तब तक इस बिगड़ैल क्रिकेटर की नहीं होने वाली टीम इंडिया में एंट्री
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जब से टीम इंडिया की कमान गौतम गंभीर (Gautam Gambhir) के हाथों में आई है, तब से ड्रेसिंग रूम का माहौल पूरी तरह बदल चुका है। हेड कोच बनते ही गौतम गंभीर ने चयन की सोच में बड़ा बदलाव किया है, जहां अब नाम और सीनियरिटी से ज़्यादा अहमियत अनुशासन, फिटनेस और वर्तमान प्रदर्शन को दी जा रही है।
इसी नई सोच के चलते एक ऐसा क्रिकेटर चर्चा में आ गया है, जो कभी टीम इंडिया का फ्यूचर स्टार खिलाड़ी माना जाता था, लेकिन अब उसकी जगह सवालों के घेरे में है।
माना जा रहा है कि अनुशासन और निरंतर प्रदर्शन को सबसे ऊपर रखने वाली इस मैनेजमेंट के दौर में इस खिलाड़ी की एंट्री लगभग नामुमकिन हो गई है। आइये जानते हैं कौन हैं वो खिलाड़ी ?
टीम इंडिया में इस बिगड़ैल क्रिकेटर की एंट्री पर लगा ब्रेक
जिस बिगड़ैल खिलाड़ी की चर्चा हो रही है, उस खिलाड़ी का नाम पृथ्वी शॉ है। लगातार मौकों के बावजूद अनुशासन और निरंतर प्रदर्शन की कमी के कारण वह चयनकर्ताओं की पसंद से बाहर चल रहे हैं।
मौजूदा हालात में संकेत साफ हैं कि जब तक टीम मैनेजमेंट और कोच गौतम गंभीर (Gautam Gambhir) की सोच नहीं बदलती, तब तक पृथ्वी शॉ की टीम इंडिया में वापसी मुश्किल नजर आ रही है।
घरेलू क्रिकेट और IPL में रन बनाने के साथ-साथ अनुशासन और टीम के प्रति समर्पण भी चयन का अहम पैमाना बन चुका है। इसी नीति के चलते कोच गंभीर (Gautam Gambhir) कई नए चेहरों को मौके दे रहे हैं, जबकि पृथ्वी शॉ जैसे पुराने नाम पीछे छूटते नजर आ रहे हैं।
पृथ्वी शॉ की राह क्यों हुई मुश्किल
पृथ्वी शॉ का टैलेंट किसी से छिपा नहीं है, लेकिन ऑफ-फील्ड विवाद, फिटनेस को लेकर सवाल और लगातार फॉर्म का न रहना उनके करियर पर भारी पड़ा है।
टीम मैनेजमेंट अब ऐसे खिलाड़ी पर भरोसा करना चाहती है जो लंबे समय तक टीम की जरूरतों पर खरा उतर सके। ऐसे में पृथ्वी शॉ को पहले घरेलू क्रिकेट में निरंतर प्रदर्शन कर खुद को दोबारा साबित करना होगा, तभी टीम इंडिया में वापसी की कोई उम्मीद बन सकती है।
पृथ्वी शॉ का इंटरनेशनल करियर
पृथ्वी शॉ का इंटरनेशनल करियर भले ही ज्यादा लंबा नहीं रहा, लेकिन शुरुआत काफ़ी प्रभावशाली रही। उन्होंने भारत के लिए 5 टेस्ट मैच खेले, जिसमें 9 पारियों में 339 रन बनाए। टेस्ट क्रिकेट में उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 134 रन रहा और औसत 42 से ऊपर का रहा, जो उनके टैलेंट को साफ दर्शाता है।
वनडे फॉर्मेट में पृथ्वी शॉ ने 6 मैचों में 189 रन बनाए, जहां उनका प्रदर्शन ठीक-ठाक रहा। टी20 इंटरनेशनल में उन्हें सिर्फ एक ही मैच खेलने का मौका मिला। शानदार शुरुआत के बावजूद निरंतरता की कमी और सीमित अवसरों के कारण फिलहाल उनका इंटरनेशनल करियर ठहराव की स्थिति में नजर आता है।
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