एलिस्टर कुक ने टीम इंडिया की सेमीफाइनल जीत पर लगाए चीटिंग के आरोप, ये मुद्दा उठाते हुए बोले 'सब मिलीभगत थी.....'
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Alastair Cook : टी20 वर्ल्ड कप 2026 के दूसरे सेमीफाइनल में भारत और इंग्लैंड के बीच रोमांचक मुकाबला देखने को मिला। भारतीय टीम ने शानदार खेल दिखाते हुए इंग्लैंड को 7 रनों से हराकर फाइनल में जगह बना ली। पहले बल्लेबाज़ी करते हुए भारत ने 20 ओवर में 7 विकेट पर 253 रन बनाए। जवाब में इंग्लैंड ने कड़ा संघर्ष किया, लेकिन 246 रन पर सिमट गई।
मैच के बाद पिच की गुणवत्ता को लेकर विवाद खड़ा हो गया। इंग्लैंड के पूर्व कप्तान एलिस्टर कुक (Alastair Cook) ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद पर सवाल उठाते हुए कहा कि मौजूदा पिचें खेल का संतुलन बिगाड़ रही हैं। उनके अनुसार पहले गेंद और बल्ले के बीच बराबरी का मुकाबला होता था, लेकिन अब विकेट पूरी तरह बल्लेबाज़ों के पक्ष में नजर आ रहे हैं, जिससे क्रिकेट जगत में बहस तेज हो गई है।
‘हाइवे’ जैसी पिचों पर भड़के Alastair Cook
कुक (Alastair Cook) ने कहा कि मौजूदा पिचें क्रिकेट के असली रोमांच को खत्म कर रही हैं। उनके अनुसार पहले टूर्नामेंट में ऐसी सतहें थीं जहां गेंदबाज़ों को स्विंग और सीम मूवमेंट मिलती थी, जिससे मुकाबला संतुलित रहता था। बल्लेबाज़ों को रन बनाने के लिए धैर्य और तकनीक दिखानी पड़ती थी। लेकिन अब हालात बदल गए हैं।
उन्होंने तीखे अंदाज में कहा कि ये विकेट क्रिकेट पिच से ज्यादा ‘हाइवे’ जैसे हो गए हैं, जहां गेंदबाज़ों के लिए कुछ भी मदद नहीं है। ऐसे में मैच एकतरफा हो जाते हैं और खेल की गुणवत्ता प्रभावित होती है।
पहले बल्लेबाज़ी करने वाली टीम को निर्णायक बढ़त
कुक (Alastair Cook) ने दावा किया कि ऐसी सपाट पिचों पर टॉस का रोल बेहद अहम हो जाता है। उनका मानना है कि जो टीम पहले बल्लेबाज़ी करती है और 240 या उससे ज्यादा रन बना देती है, उसकी जीत लगभग तय हो जाती है।
बड़े स्कोर का दबाव दूसरी टीम पर शुरुआत से ही हावी रहता है। रन चेज़ करते समय हर ओवर में बड़े शॉट लगाने की मजबूरी होती है, जिससे जोखिम बढ़ता जाता है। इसके उलट गेंदबाज़ी करने वाली टीम को सिर्फ कुछ अच्छे ओवर डालने होते हैं, जो मैच का रुख बदल देते हैं।
रन चेज़ में बढ़ता दबाव और गिरता संतुलन
कुक (Alastair Cook) के अनुसार लक्ष्य का पीछा करते समय बल्लेबाज़ी टीम मानसिक दबाव में आ जाती है। यदि एक-दो ओवर शांत निकल जाएं, तो आवश्यक रन गति तेजी से बढ़ जाती है। इसके बाद बल्लेबाज़ आक्रामक शॉट खेलने के लिए मजबूर होते हैं और विकेट गिरने लगते हैं।
उन्होंने कहा कि भले ही पिच कितनी भी सपाट हो, बढ़ते दबाव में बड़े लक्ष्य हासिल करना आसान नहीं होता। गेंदबाज़ी टीम इस स्थिति का फायदा उठाती है और मैच पर पकड़ मजबूत कर लेती है।
आईसीसी की तैयारी पर उठे सवाल
पूर्व कप्तान ने पिच तैयार करने की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि बड़े टूर्नामेंट में संतुलित विकेट तैयार करना बेहद जरूरी है, ताकि मुकाबला निष्पक्ष रहे। कुक ने आईसीसी से जवाब मांगा कि आखिर ऐसी सतहें क्यों बनाई जा रही हैं जो खेल को एकतरफा बना देती हैं।
उनका यह बयान स्काई स्पोर्ट्स से बातचीत के दौरान सामने आया। इसके बाद से पिच कंडीशन और मैच की निष्पक्षता पर चर्चा और तेज हो गई है, खासकर भारतीय टीम की सेमीफाइनल जीत के संदर्भ में।
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