Rashid Khan: अफगानिस्तान क्रिकेट में इस समय हलचल तेज है। टी20 वर्ल्ड कप 2026 में निराशाजनक प्रदर्शन के बाद टीम के भीतर बड़े बदलावों की चर्चा शुरू हो गई है। सबसे बड़ी खबर यह है कि स्टार स्पिनर और लंबे समय से टीम की पहचान बने राशिद खान (Rashid Khan) की टी20 कप्तानी खतरे में पड़ गई है।
नए हेड कोच के तौर पर रिचर्ड पायबस की एंट्री के बाद टीम मैनेजमेंट एक नई दिशा में सोच रहा है, और इसी क्रम में कप्तानी परिवर्तन की अटकलें तेज हो गई हैं।
भारत और श्रीलंका में खेले गए टी20 वर्ल्ड कप 2026 में अफगानिस्तान से काफी उम्मीदें थीं। 2024 में सेमीफाइनल तक पहुंचने वाली टीम इस बार ग्रुप स्टेज से आगे नहीं बढ़ पाई। ग्रुप डी में टीम सिर्फ दो मैच जीत सकी और सुपर 8 में जगह बनाने से चूक गई।
शुरुआत न्यूजीलैंड के खिलाफ हार से हुई, फिर साउथ अफ्रीका के खिलाफ डबल सुपर ओवर में मिली दर्दनाक हार ने टीम की राह मुश्किल कर दी। बाद में यूएई और कनाडा पर जीत जरूर मिली, लेकिन शुरुआती झटकों से टीम उबर नहीं पाई। इसी नतीजे ने बोर्ड को नेतृत्व पर दोबारा विचार करने पर मजबूर कर दिया।
राशिद खान (Rashid Khan) अफगानिस्तान क्रिकेट के सबसे बड़े नामों में से एक रहे हैं। उन्होंने 19 साल की उम्र में टेस्ट और वनडे टीम की कप्तानी संभाली थी और सबसे कम उम्र के कप्तानों में शामिल हुए। टेस्ट में उन्होंने दो मैचों में टीम की अगुवाई की, जिसमें एक जीत और एक हार दर्ज हुई। वनडे में उनका रिकॉर्ड औसत रहा, लेकिन टी20 इंटरनेशनल में उनकी कप्तानी प्रभावशाली रही है।
उनकी अगुवाई में टीम ने 55 प्रतिशत से ज्यादा मुकाबले जीते। न्यूजीलैंड पर पहली टी20 जीत और 2024 टी20 वर्ल्ड कप में सेमीफाइनल तक का सफर उनकी कप्तानी में ही तय हुआ। हाल ही में वे टी20 क्रिकेट में 700 विकेट लेने वाले पहले गेंदबाज भी बने, जो उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि का बड़ा प्रमाण है।
सूत्रों के अनुसार अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड इब्राहिम जदरान को कप्तानी के लिए गंभीरता से देख रहा है। युवा बल्लेबाज को इस सिलसिले में काबुल बुलाए जाने की खबरें हैं। टी20 वर्ल्ड कप 2026 में जदरान का प्रदर्शन शानदार रहा। उन्होंने कनाडा के खिलाफ 56 गेंदों पर नाबाद 95 रन बनाए और लगातार दो अर्धशतक जड़े।
उनकी बल्लेबाजी ने टीम को मजबूती दी और भविष्य के लीडर के तौर पर उनका नाम आगे आया। चयन समिति का मानना है कि टीम को नई ऊर्जा और लंबी अवधि की योजना के तहत युवा नेतृत्व की जरूरत है।
टी20 वर्ल्ड कप के बाद हेड कोच जोनाथन ट्रॉट का कार्यकाल समाप्त हो गया और रिचर्ड पायबस ने जिम्मेदारी संभाली है। नए कोच के साथ नई रणनीति और नई सोच की शुरुआत मानी जा रही है।
बोर्ड के भीतर कप्तानी को लेकर चर्चाएं तेज हैं और यह भी कहा जा रहा है कि कुछ राजनीतिक और व्यक्तिगत कारणों ने भी इस फैसले को प्रभावित किया है।
हालांकि आधिकारिक तौर पर अभी तक कोई घोषणा नहीं हुई है, लेकिन टीम के भीतर बदलाव के संकेत साफ नजर आ रहे हैं। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या अफगानिस्तान क्रिकेट एक नए युग की शुरुआत करता है या राशिद खान (Rashid Khan) को फिर से भरोसा दिया जाता है।