6,6,6,6,6,6,4,4,4,4..... इंडिया A के गेंदबाजों की ऑस्ट्रेलिया ने की जमकर कुटाई, बुमराह के दुश्मन ने जड़ा तूफानी सैकड़ा
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India A : लखनऊ के मैदान में इंडिया ए (India A) के गेंदबाज़ों पर चौकों-छक्कों की ऐसी बरसात हुई कि दर्शक दंग रह गए। हर ओवर में गेंद सीमाओं के बाहर जाती रही और भारतीय गेंदबाज़ असहाय नज़र आए। वहीं खिलाड़ी, जिसने ऑस्ट्रेलिया दौरे पर अपने डेब्यू मैच में बुमराह तक को परेशान किया था, अब भारत ए (India A) के खिलाफ तूफानी अंदाज़ में उतरा और देखते ही देखते शतक ठोक दिया।
दिन का खेल शुरू होते ही मानो एकतरफ़ा शो चला, और भारतीय गेंदबाज़ सिर्फ़ मौके तलाशते रह गए। आखिर कौन था ये बल्लेबाज़ जिसने अकेले दम पर पूरी बाज़ी पलट दी?
धमाकेदार शुरुआत, India A के लिए चुनौती बढ़ी
ऑस्ट्रेलिया ए ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाज़ी का फैसला किया और मैदान पर आते ही भारत के खिलाफ 2024-25 में बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी में शानदार प्रदर्शन करने वाले सैम कोंस्टास और कैंपबेल केलावे ने भारत ए (India A) के गेंदबाज़ों पर दबाव बनाना शुरू कर दिया। कोंस्टास ने अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से टीम को पहले विकेट के लिए बड़ी साझेदारी दिलाई।
दोनों बल्लेबाज़ों ने पहले विकेट के लिए 198 रनों की साझेदारी कर टीम को शानदार शुरुआत दी। इस दौरान केलावे ने 97 गेंदों में 10 चौके और 2 छक्के लगाकर 88 रन बनाए, लेकिन शतक से चूक गए। इसके बाद भी कोंस्टास अकेले ही टीम को संभाले हुए थे और लगातार चौकों और छक्कों की बरसात करते रहे।
भारत ए के गेंदबाज़ों ने इस जोड़ी को रोकने की पूरी कोशिश की, लेकिन कोंस्टास और केलावे की आक्रामकता के आगे उनकी मेहनत सफल नहीं हो सकी। सस्पेंस तब और बढ़ गया जब कोंस्टास ने अपनी बेहतरीन स्ट्राइक रोटेशन और आक्रामक शॉट्स से मैदान पर पूरी पकड़ जमा ली।
सैम कोंस्टास का तूफानी शतक
सिर्फ 19 साल के कोंस्टास ने 144 गेंदों में 109 रन बनाए, जिसमें 10 चौके और 3 छक्के शामिल थे। उन्होंने भारतीय गेंदबाज़ों के हर प्रयास को नाकाम कर दिया और पूरी पारी में अपने तेज़ और आक्रामक अंदाज़ से दर्शकों का मनोरंजन किया। हर्ष दुबे ने हालांकि कुछ सफलता हासिल की और मैकस्वीनी को 1 रन पर आउट कर पवेलियन भेजा।
इसके तुरंत बाद सैम कोंस्टास (Sam Konstas) भी बोल्ड होकर लौटे, लेकिन तब तक ऑस्ट्रेलिया ए ने स्कोरबोर्ड पर मज़बूत स्थिति बना ली थी। कोंस्टास की यह पारी इस युवा बल्लेबाज़ की क्षमता और आक्रामक सोच का प्रमाण थी। उनके शॉट्स के बीच भारतीय गेंदबाज़ों का संतुलन बिगड़ता गया और पूरे दिन उनका दबदबा नजर आया।
कॉनली और स्कॉट ने संभाला ऑस्ट्रेलिया ए का मोर्चा
चार विकेट जल्दी गिरने के बावजूद कूपर कॉनली और लियन स्कॉट ने पारी संभाली। दोनों ने पांचवें विकेट के लिए 109 रन की साझेदारी की और टीम को 300 पार पहुँचाया। कॉनली ने 84 गेंदों में 70 रन बनाए, जिसमें 12 चौके और 1 छक्का शामिल था। स्कॉट 47 रन बनाकर नाबाद रहे और ऑस्ट्रेलिया ए की स्थिति को मज़बूत किया।
इस बीच भारत ए (India A) की तरफ़ से प्रसिद्ध कृष्णा और तनुष कोटियान को विकेट नहीं मिला। कृष्णा ने 11 ओवर में 47 रन दिए, जबकि कोटियान ने 19 ओवर में 92 रन खर्च किए। यह साबित करता है कि ऑस्ट्रेलिया ए की बल्लेबाज़ी लाइनअप कितनी खतरनाक है।
हर्ष दुबे ने India A को दी थोड़ी राहत
भारत ए (India A) के लिए हर्ष दुबे ने बेहतरीन प्रदर्शन किया। उन्होंने 21 ओवर में 88 रन देकर 3 विकेट झटके और टीम को कुछ हद तक संतुलन में रखा। उन्होंने न केवल कोंस्टास को बोल्ड किया, बल्कि कॉनली को देवदत्त पडिक्कल के हाथों कैच कराकर टीम के लिए अहम सफलता दिलाई। दुबे की गेंदबाज़ी ने यह दिखाया कि इंडिया ए के पास मैच में वापसी की संभावना अभी भी बनी हुई है।
पहले दिन का खेल और दूसरे दिन की रणनीति
पहले दिन का खेल ऑस्ट्रेलिया ए के लिए प्रभावशाली रहा। सैम कोंस्टास ने शानदार शतक लगाया, जबकि कैंपबेल केलावे और कॉनली की अहम साझेदारी ने टीम को मज़बूत आधार प्रदान किया। इंडिया ए (India A) की ओर से हर्ष दुबे ने कुछ महत्वपूर्ण विकेट लेकर टीम को राहत दी, लेकिन पूरी पारी में मेहमान टीम का दबदबा स्पष्ट रूप से दिखाई दिया।
दूसरे दिन भारत ए (India A) की नजरें इस बात पर होंगी कि वे बची हुई विकेट जल्दी निकालें और मैच को अपने पक्ष में करने के लिए रणनीति को प्रभावी ढंग से अपनाएं। वहीं ऑस्ट्रेलिया ए चाहेगी कि स्कॉट और टीम के निचले क्रम के बल्लेबाज़ स्कोर को 400 से ऊपर ले जाएँ, ताकि भारत ए (India A) पर मानसिक दबाव बना रहे और टीम की पकड़ मजबूत बनी रहे।
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