6,6,6,6,4,4,4,4,4.... पृथ्वी शॉ ने अपनी बल्लेबाजी से हिलाई दुनिया, रणजी में खेल डाली 379 रन की बेमिसाल पारी
Table of Contents
भारतीय क्रिकेट ने समय-समय पर ऐसे युवा बल्लेबाज़ देखे हैं, जिन्होंने अपनी प्रतिभा से पूरी दुनिया का ध्यान खींचा। पृथ्वी शॉ (Prithvi Shaw) भी उन्हीं नामों में शामिल रहे हैं। अक्टूबर 2018 में वेस्टइंडीज के खिलाफ टेस्ट डेब्यू पर शतक जड़ने वाले शॉ को उस दौर में सचिन तेंदुलकर और वीरेंद्र सहवाग का कॉम्बिनेशन तक कहा गया।
हालांकि, 25 जुलाई 2021 के बाद वह इंटरनेशनल क्रिकेट से दूर रहे, लेकिन घरेलू क्रिकेट में उनकी भूख और जज़्बा कभी कम नहीं हुआ। इसी का नतीजा था रणजी ट्रॉफी में खेली गई उनकी 379 रनों की ऐतिहासिक पारी, जिसने एक बार फिर उनके नाम को सुर्खियों में ला दिया।
रणजी ट्रॉफी में Prithvi Shaw की ज़ोरदार वापसी
जनवरी 2023 में गुवाहाटी में खेले गए एलीट ग्रुप बी मुकाबले में रणजी ट्रॉफी के तहत मुंबई का सामना असम से हुआ। टॉस जीतकर असम ने पहले गेंदबाज़ी करने का फैसला किया, लेकिन यह निर्णय जल्द ही उनके लिए भारी साबित हुआ।
पृथ्वी शॉ (Prithvi Shaw) ने पारी की पहली गेंद से ही असम के गेंदबाज़ों पर दबाव बना दिया और साफ कर दिया कि वह इस मैच में सिर्फ रन नहीं, बल्कि अपनी वापसी का मजबूत संदेश देने आए हैं।
379 रनों की ऐतिहासिक पारी
पृथ्वी शॉ (Prithvi Shaw) ने 383 गेंदों में 379 रन की अविश्वसनीय पारी खेली, जिसमें 49 चौके और 4 छक्के शामिल थे। यह पारी सिर्फ बड़े स्कोर तक सीमित नहीं थी, बल्कि इसमें धैर्य और आक्रमकता का शानदार संतुलन देखने को मिला।
पहले दिन का खेल खत्म होने तक शॉ 240 रन बनाकर नाबाद लौटे थे और दूसरे दिन भी उन्होंने उसी लय में बल्लेबाज़ी जारी रखी। मैदान के हर कोने में खेले गए उनके शॉट्स ने असम के गेंदबाज़ों को पूरी तरह बैकफुट पर धकेल दिया।

400 से चूक, फिर भी इतिहास के बेहद करीब
दूसरे दिन लंच से ठीक पहले पृथ्वी शॉ (Prithvi Shaw) के पास 400 रन का आंकड़ा छूने का सुनहरा मौका था, लेकिन वह रियान पराग की गेंद पर एलबीडब्ल्यू आउट हो गए और 21 रन से इस ऐतिहासिक उपलब्धि से चूक गए।
इसके बावजूद यह पारी रणजी इतिहास में दूसरा सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर बन गई। इस सूची में उनसे ऊपर केवल भाऊसाहेब निंबालकर हैं, जिन्होंने 1948 में काठियावाड़ के खिलाफ नाबाद 443 रन बनाए थे।
रिकॉर्ड्स की झड़ी और मुंबई की बड़ी जीत
इस पारी के साथ पृथ्वी शॉ (Prithvi Shaw) रणजी ट्रॉफी इतिहास में दूसरा सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर बनाने वाले बल्लेबाज़ बने और मुंबई के लिए तिहरा शतक जड़ने वाले आठवें खिलाड़ी भी। उन्होंने 32 साल पुराना संजय मांजरेकर का रिकॉर्ड भी तोड़ दिया, जिन्होंने 1990-91 में हैदराबाद के खिलाफ 377 रन बनाए थे।
शॉ के 379 रनों और कप्तान अजिंक्य रहाणे के 191 रनों की मदद से मुंबई ने 687/4 पर पारी घोषित की और असम को पारी और 128 रनों से करारी शिकस्त दी। यह पारी न सिर्फ एक मैच की कहानी थी, बल्कि पृथ्वी शॉ (Prithvi Shaw) की वापसी की सबसे दमदार घोषणा बनकर सामने आई।
ये भी पढ़े : इधर न्यूजीलैंड ODI सीरीज का हुआ ऐलान, उधर फूड पॉइजनिंग के चलते शुभमन गिल मैचों से निकाले गए बाहर