3 भारतीय खिलाड़ी, जो सिर्फ गंभीर के रहमोकरम से टीम इंडिया में आए, हेड कोच न होते तो कभी नहीं मिलती जगह
Published - 15 Jan 2026, 09:26 AM | Updated - 15 Jan 2026, 09:50 AM
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भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य कोच के रूप में टीम इंडिया (Team India) पदभार संभालने के बाद से ही गौतम गंभीर अपनी साहसी और बेबाक फैसलों वाली रणनीति के लिए जाने जा रहे हैं। गंभीर का मानना है कि केवल नाम से नहीं, बल्कि उस 'इम्पैक्ट' से टीम जीती जाती है जो एक युवा खिलाड़ी मैदान पर डालता है। इसी सोच के तहत हालिया दौर में कुछ ऐसे युवाओं को नीली जर्सी पहनने का मौका मिला है, जिन्हें शायद किसी और कोच के कार्यकाल में अपनी बारी के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता। तो आइए जानते हैं कि कौन है ये 3 खिलाड़ी?
Team India का नया विजन के साथ गंभीर की खोज
जब से गौतम गंभीर ने टीम इंडिया (Team India) की कमान संभाली है, चयन प्रक्रिया में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है। गंभीर उन खिलाड़ियों को प्राथमिकता दे रहे हैं जिनके साथ उन्होंने आईपीएल या घरेलू क्रिकेट में काम किया है और जिनकी मानसिक मजबूती को वह करीब से जानते हैं।
आलोचकों का मानना है कि अगर हेड कोच के रूप में गंभीर मौजूद न होते, तो कुछ युवा प्रतिभाएं शायद चयनकर्ताओं की रडार से बाहर ही रहतीं। गंभीर की यह 'ग्रूमिंग' शैली ही है जिसने घरेलू स्तर पर संघर्ष कर रहे कुछ चेहरों को सीधे अंतरराष्ट्रीय मंच पर लाकर खड़ा कर दिया है। यह कोच की जिद ही थी कि अनुभव को दरकिनार कर इन युवाओं पर दांव खेला गया।
हर्षित राणा और नीतीश रेड्डी का Team India तक का सफर
हर्षित राणा और नीतीश कुमार रेड्डी ऐसे दो नाम हैं जिन्होंने टीम इंडिया (Team India) में अपनी जगह गंभीर की विशेष देखरेख में बनाई है। हर्षित राणा, जिन्होंने आईपीएल 2024 में कोलकाता नाइट राइडर्स के लिए शानदार प्रदर्शन किया था, गंभीर की पहली पसंद बने। गंभीर के केकेआर में मेंटर रहते हुए हर्षित ने अपनी गति और आक्रामकता से प्रभावित किया था। दूसरी ओर, नीतीश कुमार रेड्डी को भविष्य का हार्दिक पांड्या माना जा रहा है।
दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ हालिया टी20 सीरीज में उन्हें मौका देना गंभीर के उस विजन का हिस्सा था, जिसमें टीम को तेज गेंदबाजी ऑलराउंडर की सख्त जरूरत थी। विशेषज्ञों का मानना है कि इन दोनों खिलाड़ियों का ट्रांजिशन इतनी तेजी से सिर्फ इसलिए हुआ क्योंकि कोच को उनकी काबिलियत पर अटूट भरोसा था।
आयुष बडोनी पर गंभीर का भरोसा
तीसरा नाम जिसने सबसे ज्यादा सुर्खियां बटोरीं, वह है आयुष बडोनी। लखनऊ सुपर जायंट्स में गंभीर के साथ काम कर चुके बडोनी को हमेशा एक 'इम्पैक्ट प्लेयर' के रूप में देखा गया। हालांकि घरेलू क्रिकेट में उनके आंकड़े उतने निरंतर नहीं थे, लेकिन टीम इंडिया (Team India) के कोच ने उनकी मैच फिनिश करने की क्षमता को पहचाना। जिम्बाब्वे और हालिया घरेलू टी20 मैचों में बडोनी का शामिल होना पूरी तरह से गंभीर की व्यक्तिगत पसंद माना जा रहा है। गंभीर का मानना है कि बडोनी जैसे खिलाड़ी मध्यक्रम में आकर खेल की गति बदल सकते हैं।
बिना किसी बड़े घरेलू रिकॉर्ड के भी उन्हें टीम में जगह मिलना यह साबित करता है कि मौजूदा सेटअप में कोच की राय सर्वोपरि है। इन तीन खिलाड़ियों का करियर अब पूरी तरह से इस बात पर निर्भर करेगा कि वे गंभीर के इस भरोसे पर कितने खरे उतरते हैं।
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सौरभ भारतीय जन संचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से रेडियो एंड टेलीविजन पत्रकारिता में उच्च शिक्षा प्राप्... रीड मोर